अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन: मुठभेड़ में दो इनामी शूटर ढेर, विदेशी हथियारों से हत्या का खुलासा

अंकित बालियान हत्याकांड में बड़ा एक्शन: मुठभेड़ में दो इनामी शूटर ढेर, विदेशी हथियारों से हत्या का खुलासा
लखनऊ : अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान हत्या में शामिल दो इनामी शूटरों को ढेर कर दिया। दोनों की पहचान मोहित और सुमित के रूप में हुई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ में स्वाट टीम के दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम को दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की गई है।

पुलिस मुख्यालय में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि अंकित बालियान की हत्या को चार शूटरों ने अंजाम दिया था। इनमें से दो को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया गया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस उनकी पहचान, भूमिका और हत्याकांड के पीछे मौजूद साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

गैंगवार से जुड़ रही हत्या की कड़ी

डीजीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच में अंकित बालियान की हत्या के पीछे दो गैंगों के बीच चल रही पुरानी दुश्मनी का एंगल सामने आया है। हालांकि पुलिस ने अभी इसे हत्या की अंतिम वजह नहीं माना है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान करीब साढ़े तीन साल पुराने एक गाने का भी जिक्र सामने आया है। बताया गया कि अंकित बालियान ने इस गाने को रिलीज किया था और उसमें अभिनय भी किया था। गाने में कोर्ट और गोलीबारी जैसे संदर्भ थे। पुलिस को आशंका है कि गोगी गैंग से जुड़े लोगों ने इस गाने को अपने विरोधी गैंग से जोड़कर देखा। शक जताया गया कि यह गाना गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया के समर्थन में बनाया गया था।

गोगी-टिल्लू गैंगवार का पुराना इतिहास

पुलिस अब गोगी और टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बीच चली आ रही पुरानी दुश्मनी की कड़ियों को भी खंगाल रही है। दोनों गैंगों के बीच वर्चस्व को लेकर लंबे समय से संघर्ष रहा है। सितंबर 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान वकील के भेष में आए हमलावरों ने जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या कर दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए थे।

इसके बाद भी दोनों गैंग से जुड़े लोगों के बीच रंजिश और हिंसक घटनाओं का सिलसिला जारी रहा। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि अंकित बालियान का पुराना गाना वास्तव में इस गैंगवार से जुड़ा था या नहीं और क्या इसी वजह से वह किसी गैंग के निशाने पर आए।

विदेशी हथियारों ने बढ़ाई जांच की गंभीरता

अंकित हत्याकांड में विदेशी हथियारों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गैंग से जुड़े लोगों ने शूटरों तक हथियार पहुंचाए थे। अब जांच का अहम सवाल यह है कि विदेशी असलहे कहां से आए और उन्हें शूटरों तक किसने पहुंचाया।

जांच एजेंसियां केवल गोली चलाने वाले शूटरों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं। पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि हत्या की साजिश किसने तैयार की, हथियारों की व्यवस्था किसने की और शूटरों को निर्देश कौन दे रहा था।

फंडिंग और सुपारी का एंगल भी जांच में

डीजीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि शूटरों के साथ संभावित फाइनेंशियल लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या अंकित की हत्या के लिए शूटरों को पैसे दिए गए थे। इसलिए जांच अब तीन बड़े सवालों के इर्द-गिर्द घूम रही है—साजिश किसने रची, विदेशी हथियार किसने उपलब्ध कराए और क्या हत्या के बदले शूटरों को भुगतान किया गया?

शामली में मुठभेड़, दो पुलिसकर्मी घायल

अंकित बालियान हत्याकांड में वांछित मोहित और सुमित की शामली में पुलिस, स्वाट और अन्य टीमों से मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, जवाबी फायरिंग में दोनों शूटर घायल हो गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम के हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप भी गोली लगने से घायल हुए। घटनास्थल से असलहे, कारतूस, बाइक और नकदी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।

फिलहाल पुलिस की कार्रवाई दो शूटरों के मारे जाने के बाद भी खत्म नहीं हुई है। बाकी दो शूटरों की तलाश के साथ-साथ पर्दे के पीछे मौजूद कथित साजिशकर्ताओं, हथियार सप्लायरों और फंडिंग से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि गाने को हत्या की वजह मानने से पहले सभी सबूतों और कड़ियों की गहनता से जांच की जाएगी।

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